- Registered Office:
- Hindustanvision. N.I.T Faridabad
- T : 0129-4176000
- [email protected]
HindustanVision
Wednesday,27 December , 2017
Faridabad News, 27 Dec 2017 : औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में मिर्गी रोग तेजी से बढ़ रहा है। यह बीमारी पुरुष और महिला दोनों को होती है। लेकिन अगर गर्भावस्था में यह दिक्कत हो जाए तो महिला और बच्चा दोनों की सेहत को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए मिर्गी रोग में लापरवाही नहीं बरती चाहिए। समय पर डॉक्टरी सलाह लेना जरुरी है। यह कहना है सेक्टर 16ए स्थित मेट्रो अस्पताल के वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट डॉ रोहित गुप्ता का।
डॉ रोहित गुप्ता ने बताया कि मिर्गी रोग महिलाओं को दो तरह से प्रभावित करता है पहला, ऐसी महिलाएं जो गर्भधारण से पहले ही मिर्गी रोग से पीडि़त हैं। दूसरी वह जिनमें गर्भधारण के बाद इसके दौरे आते हैं। दोनों स्थितियों में सावधानी बरतकर और फॉलिक एसिड डाइट लेकर महिला स्वस्थ बच्चे को जन्म दे सकती है।
उन्होंने कहा कि मिर्गी के दौरों का कारण प्रेग्नेंसी में शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव, नींद में कमी, मानसिक तनाव व दवाओं से मेटाबॉलिज्म में बदलाव और ब्लड में मिर्गी की दवाई की मात्रा का कम होना आदि है। इससे गर्भपात, प्रसव पूर्व दौरे, समय से पहले डिलीवरी, प्रसव में जटिलता और दौरे के कारण बेहोशी आदि समस्याएं हो सकती है। इसके अलावा बच्चे को भी भी नुकसान होने की संभावना रहती है, जैसे प्रीमेच्योर बच्चा होना, कम वजन, ऑक्सीजन की कमी से बच्चे की हार्ट रेट कम होना, गर्भ में चोट लगने व शारीरिक विकृतियों की आशंका रहती है।
पहले से प्रेग्नेंसी प्लान करें
ऐसे मामलों में यह जरूरी है कि गर्भधारण का प्रयास करने से पहले ही आप अपने न्यूरोलॉजिस्ट से बात करें और उनसे राय लें, ताकि डॉक्टर यह मूल्यांकन कर सके कि आप अपनी बीमारी को सही तरीके से नियंत्रित कर पा रही हैं या नहीं और क्या गर्भधारण करने से पहले आपके ट्रीटमेंट में किसी तरह के बदलाव की जरूरत है। सबसे जरूरी बात यह है कि आप दौरे को नियंत्रित रखने वाली अपनी सभी दवाएं नियमित रूप से उतनी ही मात्रा में खाती रहें।
दौरे का देखें असर
डॉ गुप्ता ने कहा कि देखने में आया है कि कुछ गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान मिर्गी के उपचार की दवाएं लेते रहने के बावजूद दौरे पड़ते हैं, जो उनके साथ-साथ उनके गर्भ में पल रहे बच्चे के स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकता है, लेकिन अगर इस स्थिति को सही तरीके से नियंत्रित किया जाए, तो खतरा न के बराबर रह जाता है। कुछ मामलों में अपरिपक्व प्रसूति या प्रीमैच्योर बर्थ (निर्धारित समय से पहले जन्म) भी हो सकता है। इसलिए अगर गर्भावस्था के दौरान दौरा पड़ता है, तो गर्भवती महिलाएं शीघ्र ही अपनी गाइनोकोलॉजिस्ट और न्यूरोलॉजिस्ट को इसकी जानकारी दें।
GURUGRAM NEWS 29 APRIL 2026 : GAUTAM : मेंटेनेंस एक्ट 2007 बुजुर्गों को उनके अधिकार दिलाने का एक सशक्त माध्यम है लेकिन उसका उपयोग हथियार की तरह करना बेकसूर, बेबस Read More...
FARIDABAD NEWS 29 APRIL 2026 : GAUTAM : डीएचबीवीएन की एनआईटी नम्बर एक में स्तिथ हरियाणा बिजली निगम की सबडिवीजन नम्बर एक में बिजली कर्मचारियों ने इकट्ठा होकर मीटिंग के माध्यम Read More...
हरीश आज़ाद की समाज सेवा को भुलाया नहीँ जा सकता : वासुदेव अरोड़ा
FARIDABAD NEWS 29 APRIL 2026 : GAUTAM : बेटी बचाओ अभियान ने अपने राष्ट्रीय संयोजक हरीश चन्द्र आज़ Read More...
FARIDABAD NEWS 28 APRIL 2026 : GAUTAM : एआईओएफएम द्वारा आयोजित भारत टेक एक्सपो 2026 के दूसरा दिन अभूतपूर्व उत्साह, नवाचार और उद्योग जगत की सक्रिय भागीदारी के साथ बेहद स Read More...
विकसित भारत ग्रामीण खेल महोत्सव के अंतर्गत ओपन नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप का सफल समापन*
FARIDABAD NEWS 28 APRIL 2026 : GAUTAM : विकसित भारत ग्रामीण खेल महोत Read More...
FARIDABAD NEWS 28 APRIL 2026 : GAUTAM : दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के सेक्टर-23 स्तिथ एनआईटी डिवीजन कार्यालय पर एकत्र होकर यूनिट प्रधान सोनू कुमार गोला व सर्कल सच Read More...
भागवत केवल भगवान की कथा नहीं, बल्कि भक्तों की कथा है: भागवत भास्कर श्रीकृष्ण चंद्र शास्त्री (ठाकुर जी)
भगवान से मत मांगो, भगवान को मांगो तो जीवन सफल हो जाएगा : श्री कृष्ण चंद शास्त्री (ठा Read More...
FARIDABAD NEWS 28 APRIL 2026 : GAUTAM : जाट संस्था फरीदाबाद की आम सभा में अगले तीन साल के लिए जितेंद्र मोर को प्रधान, राजेश खीचड़ को महासचिव और सुरेश मलिक को कोषाध्यक्ष के र Read More...