- Registered Office:
- Hindustanvision. N.I.T Faridabad
- T : 0129-4176000
- [email protected]
HindustanVision
Saturday,01 May , 2021
PALWAL NEWS. 1 MAY 2021 : सिविल सर्जन डा. ब्रह्मदीप ने बताया कि कोविड-19 के दृष्टिïगत जिलावासियों को बहुत सचेत रहने की जरुरत है। कि कोविड महामारी के इस दौर में घबराना नहीं है और सबको मिलकर इसका सामना करना है और सरकार द्वारा जारी किए गए नियमों का पालन करना है। कोविड महामारी के इस दौर में कोई भी डॉक्टर और फ्रंटलाइन वर्कर्स सभी मिलकर कार्य कर रहे है। दुनिया भर में काम कर रहे भारतीय डॉक्टर और नर्स मुख्य सीमावर्ती लोग हैं जो इस घातक कोविड-19 के खिलाफ युद्ध लड़ रहे हैं। इससे बहुत कुशलता से निपट रहे हैं। डॉक्टर और स्वास्थ्य कार्यकर्ता कभी पीछे नहीं हटेंगे और लड़ाई लडक़र जीत हासिल करेंगे। सब सुरक्षित और एक सकारात्मक दृष्टिकोण रखकर इस लडाई को जीतेंगे ।
सिविल सर्जन डा. ब्रह्मदीप ने बताया कि कोरोना संक्रमण के कारण ज्यादातर मरीजों को सांस लेने में दिक्कत है। ऐसे में मरीजों के लिए प्रोन पोजीशन ऑक्सीजेनेशन तकनीक 80 प्रतिशत तक कारगर है। हर चिकित्सा प्रणाली के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने प्रोन पोजीशन को अस्पतालों में भर्ती कोरोना मरीजों के लिए संजीवनी बताया है। सांस लेने में तकलीफ होने पर इस अवस्था में 40 मिनट लेट कर ऑक्सीजन लेवल बढ़ता है।
सिविल सर्जन डा. ब्रह्मदीप ने बताया कि पेट के बल लेटने से वेंटीलेशन परफ्यूजन इंडेक्स में सुधार आता है। डॉक्टरों ने कोरोना काल में कोविड के सांस लेने में दिक्कत आने वाले मरीजों के लिए तकनीक को जरूर आजमाने की सलाह दी है। प्रोन पोजिशन एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम में इस्तेमाल की जाती है। एआरडीएस होने से फेफड़ों के निचले हिस्से में पानी आ जाता है। पीठ के बल लेटने से फेफड़ों के निचले हिस्से की एल्वियोलाई में खून तो पहुंच जाता है, लेकिन पानी की सजह से ऑक्सीजेनेशन व कार्बन एक्साइड को निकालने के प्रोसेस में दिक्कत होती है। ऐसे हालात में ठीक तरीके से ऑक्सीजेनेशन नहीं होने पर वेंटीलेशन दिया जाता है। यानी मरीज को पेट के बल लिटा दिया जाता है। गर्दन के नीचे एक तकिया, पेट घुटनों के नीचे दो तकिया लगाते हैं और पंजों के नीचे एक तकिया। हर 6 से 8 घंटे में 40 से 45 मिनट तक ऐसा करने से मरीज को फायदा मिलता है। साधारणतया पेट के बल लिटाकर हाथों को कमर के पास भी रख सकते हैं। इस अवस्था में फेफड़ों में खून का संचार अच्छा होने लगता है। फेफड़ों में मौजूद फ्लूड इधर-उधर हो जाता है, जिससे लंग्स में ऑक्सीजन आसानी से पहुंचती रहती है। ऑक्सीजन का लेवल भी नहीं गिरता है। प्रोन पोजीशन वेंटिलेशन सुरक्षित और खून में ऑक्सीजन लेवल बिगडऩे पर नियंत्रण में मददगार है। बीमारी के कारण मृत्यु दर को कम करने सहायक है। आईसीयू में भर्ती मरीजों में अच्छे परिणाम मिलते हैं। वेंटिलेटर नहीं मिलने की स्थिति में सबसे अधिक कारगर 80 प्रतिशत नतीजे वेंटिलेटर जैसे ही।
फरीदाबाद के 6 नवनियुक्त ब्लॉक अध्यक्षों ने दिल्ली में सांसद दीपेंद्र हुड्डा से की मुलाकात, संगठन को मजबूती देने का लिया संकल्प
FARIDABAD NEWS 05 AUG 2026 : GAUTAM : प
Read More...
FARIDABAD NEWS 05 AUG 2026 : GAUTAM : J.C. Bose University of Science and Technology, YMCA, Faridabad, has launched an Online Booking Portal for its Central Research F Read More...
जन्माष्टमी की तैयारियों को लेकर सिद्धपीठ श्री हनुमान मंदिर में मुहूरत सम्पन्न
FARIDABAD NEWS 05 AUG 2026 : GAUTAM : जन्माष्टमी पर्व की तैयारियों को लेकर सिद्धपीठ
Read More...
FARIDABAD NEWS 05 AUG 2026 : GAUTAM : हरियाणा महिला स्वर्णकार संगठन की महत्वपूर्ण बैठक फरीदाबाद सेक्टर-19 में युवा स्वर्णकार समाज के संयोजक अंकुश वर्मा एवं महिला संगठन Read More...
FARIDABAD NEWS 05 AUG 2026 : GAUTAM : पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय महाविद्यालय फरीदाबाद के परिसर में जिला उच्चतर शिक्षा अधिकारी एवं महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. रितिका गुप्त Read More...
भाजपा राज में महिलाओं पर बढ़ रहे अत्याचार : पर्ल चौधरी
PALWAL NEWS 04 AUG 2026 GAUTAM : सिकरोना स्थित सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शिक्षिका संध्
Read More...
FARIDABAD NEWS 04 AUG 2026 GAUTAM : जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद ने उन्नत डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली के सफल क्रियान्वयन के बाद व Read More...
FARIDABAD NEWS 04 AUG 2026 : GAUTAM : नगर निगम के कार्यकारी अभियंता डालचंद शर्मा के साथ वार्ड 42 पार्षद दीपक यादव,पवन यादव द्वारा की गई बदसलूकी से नाराज निगम कर्मियों ने लगा Read More...